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वर्णिका द वैम्पियर

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"वर्णिका द वैम्पियर" वर्णिका, रुद्र, वैशाली और दिव्यांश चार दोस्त थे जो एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। वर्णिका शुरू से ही चारो दोस्तो में सबसे अलग थी, वो न तो किसी से ज्यादा बात करती और न ही दोस्तो के साथ कहीं घूमने जाया करती थी, कॉलेज के बाद सीधे घर निकला जाया करती थी। वर्णिका देखने में बहुत खूबसूरत तो नहीं थी शायद इसलिए वह जहां भी जाती उसका उपहास ही हुआ करता था, उसके ये जो तीन दोस्त थे बस उन्होंने है कभी उसके रंग रूप का मजाक नहीं उड़ाया था, इसलिए ही वर्णिका जब तक कॉलेज में रहती तो इनके साथ ही रहना पसंद करती थी और कॉलेज खत्म होने के बाद वह सीधे घर चली जाया करती थी। कई बार दोस्तो ने उसे समझाया," घूमने और मौज मस्ती करने चला कर जिससे तू खुश रहेगी और जो तू इतना सोचती है न वो भी कम हो जायेगा।" एक बार सारे दोस्तो ने कहा वर्णिका से कहा, " देख हम नहीं जानते तुझे घर में क्या काम करना होता है जो तू कॉलेज खत्म होते ही चली जाती है, लेकिन हम इतना जानते है तू हमारी दोस्त है और हम सब कल घूमने जा रहे है, तो तुझे कल तैयार रहना है मै तेरे घर से तुझे लेने आ जाऊंगा।" वर्णिका ये स...

चीखने वाला कुआं

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                                             "चीखने वाला कुआँ" दिन शनिवार 1 मई अमावस की रात, राजेश अपना दिन भर का काम करके घर लौट रहा था, जैसे ही हॉस्पिटल के पीछे वाली रोड पर पहुँचा तभी उस सुनसान सड़क में किसी लड़की के चीखने की अवाज़ सुनायीं  दी , अचानक से आयी  इस आवाज़ को सुनकर राजेश पहले तो चौकन्ना हुआ, फ़िर खुद को थोड़ा सँभालते हुए जोर से चिल्लाया - कौन है वहां ? राजेश के चिल्लाते ही वहां बिल्कुल शांति हो गयी | अपने हाथ में लिए टॉर्च से उसने सड़क के दायी ओर और फिर बायीं ओर लाइट मारी और उस लड़की को ढूढ़ने के लिए थोड़ा आगे बढ़ा ही था की अचानक से राजेश के फ़ोन की घंटी बज गयी इस बार राजेश खुद को संभाल नहीं पाया और वही गिर गया राजेश के हाथ से फ़ोन छूट गया| एक पल को उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसे किसी ने धक्का दिया हो , खुद को सँभालते हुए राजेश ने पहले टॉर्च उठाया और फिर मोबाइल उठाया, स्क्रीन ऑन की तो देखा- मीरा इस ट्राइंग टू कॉल, यू हव थ्री मिस्ड कॉल्स || राजेश ने कॉल बैक की और ब...

कुलधारा गांव की एक नई धारा

8."कुलधारा गाँव की एक नयी धारा" अगर हम भारत के इतिहास में नज़र डाले तो न जाने कितने किस्से जुड़े हुए है हमारे देश से  यहां पर ही माँ सीता, धरती की गोद में समा गई थी, इसी धरती में द्रौपदी का चीरहरण हुआ... इस धरती से जन्मी रानी पद्मावती अलाउद्दीन खिलजी जैसे राजा को ठेंगा दिखाकर महल की सोलाह रानियों संग जौहर में भस्म हो गई  थी । ऐसी और न जाने कितनी कहनियां  जुड़ी है भारत वर्ष के इतिहास... गर्मी को छुट्टियां शुरू हो गई अर्जुन और उसके दोस्तो ने डिसाइड किया की वे  इस बार साथ में कहीं घूमने जायेंगे। अर्जुन अपने ड्राइंग रूम में बैठा है और मोबाइल में सर्च करता है भारत की सबसे डरावनी जगह और उनके पीछे का रहस्य..... गूगल में 10 सबसे ज्यादा डरावने स्थान की लिस्ट खुल जाती है... भानगढ़ का किला राजस्थान  कुलधारा गाँव राजस्थान जमाली-कमली मस्जिद रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद जतिंगा असम  मुकेश मिल्स मुंबई शनिवारवाड़ा किला पुणे  जीपी ब्लॉक  गुजरात की डुमस बीच  मुंबई की वृंदावन सोसायटी ठाणे ********** अर्जुन ने सभी के पीछे की स्टोरी पढ़ी लेकिन उसे सबसे ज्यादा दिलचस...

अंजली की अन - जली ख्वाहिश

7."अंजली की अन-जली ख़्वाहिश" भागो ! भागो! भागो! आग, आग, आग लगी है पास वाली बिल्डिंग में आग लग गईं है। आस पास के कुछ लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे तो कुछ लोग अपने ज़रूरी काग़ज़ात को सुरक्षित जगह में पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। तभी आग से लिपटी एक लड़की दूसरे फ्लोर से कूद गई लोगों ने उसको बचाने की कोशिश की लेकिन वह आग की लपटों और जलते शरीर से ख़ुद को बचाने की कोशिश में इधर से उधर भाग रही थी लोगों ने उसके ऊपर कंबल फेकने तो कभी पानी डालने की बहुत कोशिश की लेकिन उसको बचा नहीं पाये और उस लड़की ने तड़पते हुए वहीं दम तोड़ दिया। थोड़ी देर में एक एम्बुलेंस और फायरब्रिगेड की गाड़ी हॉर्न बजाते हुए घटना स्थल पर पहुंचे और जल्द ही आग पर काबू पा लिया। एम्बुलेंस और फायरब्रिगेड  की ये चंद लम्हों कि लापरवाहीं ने करीबन 12 बच्चो की जान ले ली वे सभी आईआईटी की कोचिंग करने कोटा, रजिस्थान अपने और अपने घरों से मीलों दूर आये हुए थे। सन् 1995 - "कोटा जीनियस क्लासेस " ,आईआईटी , यूपीटीयू, ऐम्स, नीट जैसे  सभी विश्वस्तरीय प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए फेमस था। दूर दूर से लोग यहां अपने बच...

शापित क़ब्रिस्तान

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                                            "शापित कब्रिस्तान" बुधवार की रात सन् 2000, इक्कीसवीं सदी कलयुग!! दाफनाओ ! दफनाओं! जल्दी ,जल्दी करो , अरे ! हटो किनारेे, तुम लोगो से एक छोटा सा काम भी नहीं हो सकता, शायद ये दिन देखने के लिए ही तुम लोगो को खिला पिला के बलवान बनाया था मैंने.. सुरेश, तुम बायी ओर नज़र रखना कोई आ तो नहीं रहा, रमेश तुम दायी ओर देखना , कल्लू तू सामने देख कोई आ न जाए, तब तक मैं इन तीनों को ठिकाने लगाता हूं।  अभिवंश ने उस रात तीन जिंदा इंसान को उस ज़मीन में दफना दिया कहा जाता है उन तीनों की आत्मा बुधवार के दिन महीने कि  दूसरी तारीख़ को आज भी वहां भटकती है और उस ज़मीन को खोदने की गुहार लगाती हैं और तीन लोगों के सुर एक साथ कहते है - हम तीन जिंदा मानस, बिना किसी अपराध, दफ़न किये गए उस रात।। अभिवंश के इस अपराध को कोई नही जान पाया और कुछ साल बाद अभिवंश की एक कार ऐक्सिडेंट में मौत हो गई। सुरेश , रमेश और कल्लू को लगा अभिवंश के उस कार एक्सिडेंट के पीछे उन तीनो...

एक काली परछाई

3."एक काली परछाई" मिनी और राहुल आज अपनी शादी की पाँचवी सालगिरह बनाने एक रिसॉर्ट में आये हुए हैं। उनके साथ , उनके कुछ करीबी दोस्त भी है, रिसॉर्ट राहुल के अंकल का है उन्होंने इस रिसॉर्ट को करोड़ो रुपये ख़र्च करके खरीद था फिर अचानक से यहाँ आना बंद कर दिया। राहुल के पूछने पर भी उन्होंने कुछ नही बताया परंतु राहुल के फ़ोर्स करने पर अंकल ने बताया की वहां एक काली परछाई  है जो उस रिसॉर्ट को अपने कब्ज़े में कर चुकी है, पहले मैं वहाँ अपना क्वालिटी टाइम स्पेंट करता था,लेकिन एक रात मैंने उसे देखा...  उसका अक्स कहीं नहीं था सिर्फ़ उसकी परछाई मेरे नज़रो के सामने ठहल रही थी , उसके चलने के ढंग से ऐसा लग रहा था वह किसी का इंतज़ार कर रही हो, मैं जब तक जागता रहा वह मुझे दीवार पर टहलती हुई नज़र आयी,मैने आज तक, किसी को इस बारे में नही बताया मुझे लगा या तो वो मेरा वहम है औऱ अगर हकीकत है तो, मेरे पास कोई सबूत नही है, कहीं लोग मुझे पागल न समझे इस डर से मैन वहां जाना बंद कर दिया। मैंने जिस दलाल के जरिये उस रिसॉर्ट को खरीदा था उसे इस बात का पता था वह ये रिसॉर्ट मुझे बेचकर विदेश में बस गया.... अंकल आप मुझे रिस...

एक्सपेंसिव कैमरा

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                        "एक्सपेंसिव कैमरा" मयूरी को फोटोग्राफी का बहुत शौक था बचपन से ही, आज मयूरी का जन्मदिन था,और उसके लिए कैमरे से बड़ा कोई और उपहार हो ही नही सकता था। मयूरी के बड़े भाई पानी वाले जहाज में कैप्टन हुआ करते थे, उन्होंने मयूरी की फोटोग्राफी से प्रेरित होकर उसे एक नया कैमरा उपहार देने की सोची और अपने एक दोस्त के ज़रिए विदेश से मयूरी के लिए एक कैमरा मँगवाया ऑटोमैटिक कैमरा, वह कैमरा इतना एक्सपेंसिव था कि आज के डिजिटल कैमरे भी उसके आगे फेल थे। रात में जब रवि ने मयूरी को कैमरा गिफ़्ट किया तो वह खुशी के मारे मानो पागल ही हो गई हो... सबने मयूरी से कहा, की वह अपने नये कैमरे से सबकी फ़ोटो खींचे लेकिन मयूरी ने नये कैमरा को ये बोलकर टाल दिया कि वह अभी कुछ ठीक से जानती नही इसके बारे में, मयूरी ने जल्दी से  अपना पुराना कैमरा सेट किया और एक फ़ैमिली फोटो क्लिक की... घर में पार्टी का मौहाल था कुछ लोग मेहमानों के स्वागत में लगे हुए थे, तो कुछ पार्टी का भरपूर लुत्फ उठा रहे थे, इतने में मयूरी को उसके दोस्त पकड़ कर घर के पास वाल...

"भूतिया हाईवे"

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1.  "भूतिया हाइवे" कहते है इंसान मृत्यु के पश्चात अपने कर्म के अनुसार नई योनि में जन्म लेता है। अरमान की ट्रेन टिकट कन्फर्म नहीं न हो पाने के कारण अरमान ने तय किया कि वह दिल्ली से राजस्थान का सफ़र आज रात कार से ही तय करेगा। अरमान ने बैग पैक किया अपनी छोटी सी बच्ची के माथे को चूमा और अपनी प्यारी सी वाइफ से अलविदा कह कर कार में बैठ गया,  मुन्नी पीछे से दौड़ती हुई अाई पापा, पापा मेरे लिए ढेर सारी चॉकलेट लेकर आना। हां बेटा मै आपके लिए ढेर सारी चॉकलेट लाऊंगा पहले आप मुझे प्यारी सी किस्सी दो - उम्म्म अह , ओके पापा! अब आप खुश हुए ना, बाय, हैप्पी जर्नी जल्दी से वापस आना । रिद्धिमा एक कोने में खड़ी होकर ये सब देख कर मुस्कुरा रही थी, तभी अचानक से उसे पीछे से आवाज़ - आई रोक लो उसे, वहां खतरा है,रिद्धिमा जैसे ही पीछे मुड़ी तो वहां कोई नहीं था। रिद्धिमा तुरंत घर के अंदर आयीं अरमान को फोन लगाया और उसे रात में जाने से मना किया, अरमान के कारण पूछने पर रिद्धिमा ने उसे सारी बाते बताई। अरमान - रिद्धिमा तुम भी क्या बच्चो जैसी बाते कर रही हो, अच्छा ये बताओ, जब कल मै जल्दी सो गया था तो तुम क्या कर...