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" कैरियर और प्रेम" भाग -7

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                  "भाग-7 कैरियर और  प्रेम"    इस भाग को पढ़ने से पहले बाकी के छः भाग जरूर पढ़े यादि आप सीधे इस भाग को पढ़ेंगे तो उतना मजा नही आएगा मैंने कहानी की रचना इस तरह से की हैं की सातो भाग को मिलाकर पढ़ेंगे तो आपको पढ़ने में ज़्यादा आंनद आयेगा। एक तरफ दोनों का कैरियर था तो दूसरी तरफ उनका परवान चढ़ता हुआ प्यार, अरमान और रिद्धिमा मानो एक दूसरे के पूरक बन चुके हो... रिद्धिमा अरमान के बिन नही रहना चाहती तो, अरमान रिद्धिमा के बिन लेकिन दोनो साथ रह भी नही सकते थे जब तक दोनो अपना कैरियर न बना ले.... पहले कैरियर बनाने का मकसद सिर्फ ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना और खुद की हर उस कमी को पूरा करना था, जिसका अफ़सोस कही न कही रह गया है, लेकिन जब से अरमान रिद्धिमा की ज़िन्दगी में और रिद्धिमा अरमान की जिंदगी में आयी थी, उनका तो कैरियर बनाने का मकसद ही बदल गया था , वे दोनो बस अपनी एक छोटी सी दुनिया बनाना चाहते थे और उस दुनिया में संग मुस्कुराना चाहते थे। आज अरमान रिद्धिमा के साथ अपने रिलेशनशिप के पाँच साल सेलिब्रेट कर रहा है, एक फाइव स्टार होटल मे...

"एक बार फिर" भाग -6

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एक बार फिर      पहला प्यार पूरा हो या न हो लेकिन एक बार लौट के जरूर आता है।... एक साल गुज़र गये अरमान और रिद्धिमा को अलग हुए लेकिन न जाने क्यो रिद्धिमा को कभी कभी अचानक अफसोस होता था की उसे ऐसा नही करना चाहिये था, अरमान जैसा प्यार करने वाला लड़का कहाँ मिलेगा और ये सोचकर उसे रात रात भर नींद नही आती... दिल और दिमाग के खेल में उलझी रिद्धिमा बहुत परेशान हो गई थी... कभी वह खुद से कहती रिद्धिमा तेरे लिये तेरा कैरियर पहली चाहत है, एक बार तू कुछ बन गई फिर तो ये सब होता रहेगा और उसका दिल कहता स्वाति अब नही तो कब, रिद्धिमा दिल और दिमाग मे पहले ही फर्क करना नही जानती थी और अब वह दोनो के बीच में उलझ भी गई थी....कभी आईने मे खुद को देखती तो बस एक ही सवाल आता, क्या कोई इस चेहरे पर भी फिदा हो सकता है। उसे कभी ऊपर वाले से शिकायत तो नही की थी लेकिन अपने लिए कुछ सोचकर रखा था, एक बार जब वह कमाने लगेगी तो वो अपने दाँतो को ठीक करवा लेगी। आज तक लोग रिद्धिमा से काम के मतलब से ही बात करते थे कभी कोई दोस्त से ज़्यादा उसके बारे में नही सोचता और अति तो तब हो जाती जब उसके ही दोस्त उसे अनदेखा कर दिया करत...

"कैसे हुआ" भाग-5

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                                "कैसे हुआ" रिद्धिमा ने अर्पित से बात करना कम कर दिया था, कभी कभी अर्पित का मैसेज आता था सिर्फ हाल चाल पूछने के लिये क्योंकि इस वक़्त वह पढ़ाई में बहुत ही व्यस्त चल रहा था और इधर रिद्धिमा समझ गई थी किसी के पीछे भागने से क्या फ़ायदा क्यों न उधर ही जायें जो वाकई आपको प्यार करता है। कुछ दिन बाद जब अर्पित का मैसेज आया तो रिद्धिमा ने अरमान के बारे में सब बता दिया की कैसे अरमान ने उसे प्रपोज़ किया वह अर्पित से इस बारे मे पहले भी बात कर चुकी थी, इस बार अर्पित झुंझला कर बोला तुम मुझसे हमेशा अरमान की बात क्यो करती हो?  रिद्धिमा ने इस सवाल का जवाब देने में देर नही की और बोला क्योकि अरमान मुझे प्यार करता है और मैं जैसी भी हूँ उसे पसंद हूँ..... उसके बाद अर्पित का कोई रिप्लाई नही आया, वैसे अर्पित एक बहुत अच्छा दोस्त था, उसकी इंग्लिश में पकड़ बहुत अच्छी थी अतः उसने रिद्धिमा को भी सिखाने की पूरी कोशिश की और रिद्धिमा ने भी अर्पित का साथ दिया। छह महीने गुज़र गये रिद्धिमा और अरमान की दोस्ती धीरे ...

"अरमान और परिवार" भाग -4

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                      " अरमान और परिवार" फेसबुक में एक दिन अरमान का मैसेज आया, रिद्धिमा ने फॉर्मेलिटी पूरी करने के लिये रिप्लाई दे दिया....कुछ देर नॉर्मल हाय, हेलो हुआ और फिर रिद्धिमा अपने काम पर लग गई, उसे चैटिंग करना बिल्कुल नही पसंद था, वो भी ऐसे लोगो से जिन्हें वह पर्सनली न जानती हो...और दूसरी तरफ वो अर्पित से चैटिंग कर रही थी... अरमान ने भी किसी गलत इरादे से मैसेज नही किया था, वो तो बस एक दोस्त ढूढ़ रहा था, जिससे वो बात कर सके उस टाइम अरमान बहुत टूटा हुआ था, उसके घर में कुछ अविश्वनीय  घटित हो जाने के कारण। कभी कभी हम अपने बनाये उसूलो को भी भूल जाते है रिद्धिमा इस वक़्त यही कर रही थी एक तरफ उसे किसी अनजान से बात करना पसंद नही था दूसरी तरफ वो एक अनजान लड़के के साथ बाते करके सपनो की दुनिया में खो रही थी। अरमान के परिवार में पाँच लोग है, अरमान घर में सबसे छोटा और नटखट हुआ करता था लेकिन जैसे जैसे बड़ा हुआ जिम्मेदारियों ने उसे उम्र से भी ज्यादा बड़ा कर दिया। अरमान की माँ उसे बहुत प्यार करती थी और पापा तो बस पिटाई लगाया करते थे, एक बड़...

"रिद्धिमा और परिवार" भाग-3

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                            "रिद्धिमा और परिवार" रिद्धिमा घर आ गई, वो बहुत खुश रहने लगी थी, अपना ख्याल पहले से ज्यादा रखने लगी थी, ये वही रिद्धिमा थी जिसका लोग अक्सर अनजाने में ही मजाक उड़ा दिया करते थे, उसके दाँत थोड़े से बड़े थे और बाहर भी निकले हुए थे, लेकिन रिद्धिमा को खुद से कोई शिकायत नही थी, वह खुद को प्यार तो करती थी और उसके पास जो भी है अक्सर ऊपर वाले को उसके लिए धन्यवाद भी किया करती थी,लिखने की शौकीन रिद्धिमा बिना प्यार का अहसास किये ही प्यार को खूबसूरत लिखती थी। रिद्धिमा घर की बड़ी बेटी है, और सारे भाई बहनों में दूसरे नंबर पर आती है, एक बड़े भईया जो सॉफ्टवेयर इंजिनियर है, पापा की   तबियत ख़राब होने के बाद से घर की सारी जिम्मेदारी बड़े भईया ने ले ली, और अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे है। रिद्धिमा के ख़्वाब थोड़े ज्यादा बड़े है, क्योंकि वह लिखती अच्छा अतः वह बॉलीवुड इंडस्ट्री के प्रत्येक क्षेत्र में खुद को आजमाना चाहती है, फिलहाल घर वालो की खुशी के लिए बी० एस० सी० फाइनल...

"उस मुलाक़ात के बाद" भाग-2

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                   "उस मुलाक़ात के बाद" अरमान और रिद्धिमा एक ऑटो में सवार होकर एक सफ़र में तो निकल गए, लेकिन अभी इस मंज़िल में टकराव बहुत थे क्योकि प्यार का सफ़र आसान नही होता.... बहुत सी बाते जो अनकही थी, बहुत सी बाते जो रिद्धिमा को बिल्कुल भी पसंद नहीं थी, बहुत सी एक्सपेक्टेशंस जो अरमान रिद्धिमा से रखना चाह रहा था। अरमान और रिद्धिमा उस दिन ऑटो में बैठकर एक रेस्टोरेंट में गए, ये वो रेस्टोरेंट था जहां अरमान अक्सर आया करता था। दोनों कॉर्नर की सीट में बैठ गए, पहले तो अरमान ने कल रात के लिए सॉरी बोला,उसे लगा उसने अपने दिल कि बात कहने में थोड़ा जल्दी कर दी , रिद्धिमा ने जवाब में कहा कोई बात नही लेकिन अरमान मै वो नहीं हूं जिसे तुम प्यार करो, मै चाहती भी नहीं हूं कि कोई मुझे प्यार करे, मुझे ये सब बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मुझे अकेले रहना पसंद है, मै तब तक इन सब चक्करों में नहीं पड़ना चाहती, जब तक मै कुछ कर नहीं लेती, अपने लिए अपने सपनों के लिए... शायद इस वजह से ही रिद्धिमा बिल्कुल नॉर्मल सी बनकर अाई थी और एग्जाम देने के बाद उसके पूरे चेहरे...

"प्यार का सफर भाग -1 पहली मुलाकात"

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                    प्यार का सफर  भाग -1                         पहली मुलाकात    आंखों  में  भूरा चश्मा, पिंक चेक वाली शर्ट , कान में हेडफोन लगाएं, एक हैंडसम सा दिखने वाला लड़का - अरमान जब वहां पहुंचा , जहां रिद्धिमा ने मिलने को कहा था , वहां पहुंचते ही हैरान था क्योंकि उसके हिसाब से इस समय तक रिद्धिमा को वहां पहुंच जाना चाहिए था लेकिन वो अब तक नहीं पहुंची थी।....                                                                                        -----------------------------  दूसरी तरफ रिद्धिमा जो अपने आख़िरी एग्जाम को लेकर परेशान तो थी ही, साथ ही सोते समय कोई कुछ ऐसी बा...