"प्यार का सफर भाग -1 पहली मुलाकात"

                    प्यार का सफर  भाग -1

                        पहली मुलाकात   


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आंखों में  भूरा चश्मा, पिंक चेक वाली शर्ट , कान में हेडफोन लगाएं, एक हैंडसम सा दिखने वाला लड़का - अरमान जब वहां पहुंचा , जहां रिद्धिमा ने मिलने को कहा था , वहां पहुंचते ही हैरान था क्योंकि उसके हिसाब से इस समय तक रिद्धिमा को वहां पहुंच जाना चाहिए था लेकिन वो अब तक नहीं पहुंची थी।....
                         
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दूसरी तरफ रिद्धिमा जो अपने आख़िरी एग्जाम को लेकर परेशान तो थी ही, साथ ही सोते समय कोई कुछ ऐसी बात बोल दे कि नींद ही ना आए , कुछ ऐसा ही हुआ था उस दिन रिद्धिमा के साथ बात ही बात में पहले अरमान ने  मिलने का प्रपोजल रखा, जिसको रिद्धिमा ने मना कर दिया था , पर उसके बार बार बात को दोहराने और रिक्वेस्ट करने के लहज़े पर की - यर हम दोस्त है काफी पुराने,             मिल नहीं सकते क्या ? रिद्धिमा को लगा लास्ट एग्जाम है ,अब क्या मना करना चलो मिल लेते है। 

एक बार वैसे ऐसा प्रपोजल अरमान पहले भी रख चुका था पर दोनों की व्यस्तता के चलते मुलाक़ात किसी न किसी कारण से पोस्टपांड हो जाती थी या यूं कह लीजिए की अभी दोनों तरफ़ से वैसी पहल नहीं हुई थी कि मिलना अब ज़रूरी हो गया हो और शायद एक तरफ ये भी था कि अगर वो मिलते भी , तो क्या बात करते? रिद्धिमा के एक साल फेल होने के बाद से सारे दोस्त अलग हो गए थे,  उन दोस्तों में ही अरमान भी था, जो अपना ग्रेजुएशन पूरा कर चुका था। वही रिद्धिमा अपने फाइनल ईयर मे थी, उसको सिलेबस से लेकर कोई भी दिक्कत होती तो वह अरमान से पूछा करती थी ।

अरमान  और रिद्धिमा से फ़ेसबुक पर मिली थी,  बातो ही बातो एग्जाम की बात हुई, अरमान ने बोला कि रिद्धिमा आपको जो भी समस्या हो वो मुझ से पूछ लिया करो, इसी सिलसिले में दोनों के व्हाट्स ऐप नंबर एक्सचेंज हुए थे ।
                    
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अरमान इधर- उधर देख रहा था, कि रिद्धिमा है कहां आख़िर? और उधर रिद्धिमा उसके साथ लुका - छुपी खेल रही हो, वो पेड़ के पीछे छुपकर सब देख रही थी।
वहां से एक बुज़ुर्ग गुज़र रहे थे उन्होंने  अरमान से रास्ता पूछा और चले गए।
अरमान ने उन्हें रास्ता बताया और एक बार फिर इधर- उधर देखने लगा, उसने अपना मोबाइल निकाला, टाइम देखा, डाइल पैड की तरफ गया और फिर से बैक करके फोन पॉकेट में डाल लिया , शायद उसको याद आ गया था कि रिद्धिमा फोन तो लायी ही नहीं होगी।
अरमान को काफ़ी देर तक परेशान करने के बाद रिद्धिमा आख़िर कर बाहर आ गई।
अरमान ने रिद्धिमा को देखते ही मुस्कुराकर अभिनंदन किया.....

फ़िर दोनों ऑटो पकड़ कर चले गए एक नए सफर की ओर"ये थी रिद्धिमा और अरमान की पहली मुलाकात"
             
                                                    

स्वाति की कलम से- "पहली मुलाकात"

"प्यार का सफर" अगला भाग "उस मुलाकात के बाद" जरूर पढ़ें।

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