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"रिद्धिमा और परिवार" भाग-3

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                            "रिद्धिमा और परिवार" रिद्धिमा घर आ गई, वो बहुत खुश रहने लगी थी, अपना ख्याल पहले से ज्यादा रखने लगी थी, ये वही रिद्धिमा थी जिसका लोग अक्सर अनजाने में ही मजाक उड़ा दिया करते थे, उसके दाँत थोड़े से बड़े थे और बाहर भी निकले हुए थे, लेकिन रिद्धिमा को खुद से कोई शिकायत नही थी, वह खुद को प्यार तो करती थी और उसके पास जो भी है अक्सर ऊपर वाले को उसके लिए धन्यवाद भी किया करती थी,लिखने की शौकीन रिद्धिमा बिना प्यार का अहसास किये ही प्यार को खूबसूरत लिखती थी। रिद्धिमा घर की बड़ी बेटी है, और सारे भाई बहनों में दूसरे नंबर पर आती है, एक बड़े भईया जो सॉफ्टवेयर इंजिनियर है, पापा की   तबियत ख़राब होने के बाद से घर की सारी जिम्मेदारी बड़े भईया ने ले ली, और अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे है। रिद्धिमा के ख़्वाब थोड़े ज्यादा बड़े है, क्योंकि वह लिखती अच्छा अतः वह बॉलीवुड इंडस्ट्री के प्रत्येक क्षेत्र में खुद को आजमाना चाहती है, फिलहाल घर वालो की खुशी के लिए बी० एस० सी० फाइनल...

"उस मुलाक़ात के बाद" भाग-2

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                   "उस मुलाक़ात के बाद" अरमान और रिद्धिमा एक ऑटो में सवार होकर एक सफ़र में तो निकल गए, लेकिन अभी इस मंज़िल में टकराव बहुत थे क्योकि प्यार का सफ़र आसान नही होता.... बहुत सी बाते जो अनकही थी, बहुत सी बाते जो रिद्धिमा को बिल्कुल भी पसंद नहीं थी, बहुत सी एक्सपेक्टेशंस जो अरमान रिद्धिमा से रखना चाह रहा था। अरमान और रिद्धिमा उस दिन ऑटो में बैठकर एक रेस्टोरेंट में गए, ये वो रेस्टोरेंट था जहां अरमान अक्सर आया करता था। दोनों कॉर्नर की सीट में बैठ गए, पहले तो अरमान ने कल रात के लिए सॉरी बोला,उसे लगा उसने अपने दिल कि बात कहने में थोड़ा जल्दी कर दी , रिद्धिमा ने जवाब में कहा कोई बात नही लेकिन अरमान मै वो नहीं हूं जिसे तुम प्यार करो, मै चाहती भी नहीं हूं कि कोई मुझे प्यार करे, मुझे ये सब बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मुझे अकेले रहना पसंद है, मै तब तक इन सब चक्करों में नहीं पड़ना चाहती, जब तक मै कुछ कर नहीं लेती, अपने लिए अपने सपनों के लिए... शायद इस वजह से ही रिद्धिमा बिल्कुल नॉर्मल सी बनकर अाई थी और एग्जाम देने के बाद उसके पूरे चेहरे...

"प्यार का सफर भाग -1 पहली मुलाकात"

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                    प्यार का सफर  भाग -1                         पहली मुलाकात    आंखों  में  भूरा चश्मा, पिंक चेक वाली शर्ट , कान में हेडफोन लगाएं, एक हैंडसम सा दिखने वाला लड़का - अरमान जब वहां पहुंचा , जहां रिद्धिमा ने मिलने को कहा था , वहां पहुंचते ही हैरान था क्योंकि उसके हिसाब से इस समय तक रिद्धिमा को वहां पहुंच जाना चाहिए था लेकिन वो अब तक नहीं पहुंची थी।....                                                                                        -----------------------------  दूसरी तरफ रिद्धिमा जो अपने आख़िरी एग्जाम को लेकर परेशान तो थी ही, साथ ही सोते समय कोई कुछ ऐसी बा...

वर्णिका द वैम्पियर

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"वर्णिका द वैम्पियर" वर्णिका, रुद्र, वैशाली और दिव्यांश चार दोस्त थे जो एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। वर्णिका शुरू से ही चारो दोस्तो में सबसे अलग थी, वो न तो किसी से ज्यादा बात करती और न ही दोस्तो के साथ कहीं घूमने जाया करती थी, कॉलेज के बाद सीधे घर निकला जाया करती थी। वर्णिका देखने में बहुत खूबसूरत तो नहीं थी शायद इसलिए वह जहां भी जाती उसका उपहास ही हुआ करता था, उसके ये जो तीन दोस्त थे बस उन्होंने है कभी उसके रंग रूप का मजाक नहीं उड़ाया था, इसलिए ही वर्णिका जब तक कॉलेज में रहती तो इनके साथ ही रहना पसंद करती थी और कॉलेज खत्म होने के बाद वह सीधे घर चली जाया करती थी। कई बार दोस्तो ने उसे समझाया," घूमने और मौज मस्ती करने चला कर जिससे तू खुश रहेगी और जो तू इतना सोचती है न वो भी कम हो जायेगा।" एक बार सारे दोस्तो ने कहा वर्णिका से कहा, " देख हम नहीं जानते तुझे घर में क्या काम करना होता है जो तू कॉलेज खत्म होते ही चली जाती है, लेकिन हम इतना जानते है तू हमारी दोस्त है और हम सब कल घूमने जा रहे है, तो तुझे कल तैयार रहना है मै तेरे घर से तुझे लेने आ जाऊंगा।" वर्णिका ये स...

चीखने वाला कुआं

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                                             "चीखने वाला कुआँ" दिन शनिवार 1 मई अमावस की रात, राजेश अपना दिन भर का काम करके घर लौट रहा था, जैसे ही हॉस्पिटल के पीछे वाली रोड पर पहुँचा तभी उस सुनसान सड़क में किसी लड़की के चीखने की अवाज़ सुनायीं  दी , अचानक से आयी  इस आवाज़ को सुनकर राजेश पहले तो चौकन्ना हुआ, फ़िर खुद को थोड़ा सँभालते हुए जोर से चिल्लाया - कौन है वहां ? राजेश के चिल्लाते ही वहां बिल्कुल शांति हो गयी | अपने हाथ में लिए टॉर्च से उसने सड़क के दायी ओर और फिर बायीं ओर लाइट मारी और उस लड़की को ढूढ़ने के लिए थोड़ा आगे बढ़ा ही था की अचानक से राजेश के फ़ोन की घंटी बज गयी इस बार राजेश खुद को संभाल नहीं पाया और वही गिर गया राजेश के हाथ से फ़ोन छूट गया| एक पल को उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसे किसी ने धक्का दिया हो , खुद को सँभालते हुए राजेश ने पहले टॉर्च उठाया और फिर मोबाइल उठाया, स्क्रीन ऑन की तो देखा- मीरा इस ट्राइंग टू कॉल, यू हव थ्री मिस्ड कॉल्स || राजेश ने कॉल बैक की और ब...

कुलधारा गांव की एक नई धारा

8."कुलधारा गाँव की एक नयी धारा" अगर हम भारत के इतिहास में नज़र डाले तो न जाने कितने किस्से जुड़े हुए है हमारे देश से  यहां पर ही माँ सीता, धरती की गोद में समा गई थी, इसी धरती में द्रौपदी का चीरहरण हुआ... इस धरती से जन्मी रानी पद्मावती अलाउद्दीन खिलजी जैसे राजा को ठेंगा दिखाकर महल की सोलाह रानियों संग जौहर में भस्म हो गई  थी । ऐसी और न जाने कितनी कहनियां  जुड़ी है भारत वर्ष के इतिहास... गर्मी को छुट्टियां शुरू हो गई अर्जुन और उसके दोस्तो ने डिसाइड किया की वे  इस बार साथ में कहीं घूमने जायेंगे। अर्जुन अपने ड्राइंग रूम में बैठा है और मोबाइल में सर्च करता है भारत की सबसे डरावनी जगह और उनके पीछे का रहस्य..... गूगल में 10 सबसे ज्यादा डरावने स्थान की लिस्ट खुल जाती है... भानगढ़ का किला राजस्थान  कुलधारा गाँव राजस्थान जमाली-कमली मस्जिद रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद जतिंगा असम  मुकेश मिल्स मुंबई शनिवारवाड़ा किला पुणे  जीपी ब्लॉक  गुजरात की डुमस बीच  मुंबई की वृंदावन सोसायटी ठाणे ********** अर्जुन ने सभी के पीछे की स्टोरी पढ़ी लेकिन उसे सबसे ज्यादा दिलचस...

अंजली की अन - जली ख्वाहिश

7."अंजली की अन-जली ख़्वाहिश" भागो ! भागो! भागो! आग, आग, आग लगी है पास वाली बिल्डिंग में आग लग गईं है। आस पास के कुछ लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे तो कुछ लोग अपने ज़रूरी काग़ज़ात को सुरक्षित जगह में पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। तभी आग से लिपटी एक लड़की दूसरे फ्लोर से कूद गई लोगों ने उसको बचाने की कोशिश की लेकिन वह आग की लपटों और जलते शरीर से ख़ुद को बचाने की कोशिश में इधर से उधर भाग रही थी लोगों ने उसके ऊपर कंबल फेकने तो कभी पानी डालने की बहुत कोशिश की लेकिन उसको बचा नहीं पाये और उस लड़की ने तड़पते हुए वहीं दम तोड़ दिया। थोड़ी देर में एक एम्बुलेंस और फायरब्रिगेड की गाड़ी हॉर्न बजाते हुए घटना स्थल पर पहुंचे और जल्द ही आग पर काबू पा लिया। एम्बुलेंस और फायरब्रिगेड  की ये चंद लम्हों कि लापरवाहीं ने करीबन 12 बच्चो की जान ले ली वे सभी आईआईटी की कोचिंग करने कोटा, रजिस्थान अपने और अपने घरों से मीलों दूर आये हुए थे। सन् 1995 - "कोटा जीनियस क्लासेस " ,आईआईटी , यूपीटीयू, ऐम्स, नीट जैसे  सभी विश्वस्तरीय प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए फेमस था। दूर दूर से लोग यहां अपने बच...