'कॉन्वेंट स्कूल'
'कॉन्वेंट स्कूल
मेघा की एंट्री..मेघा ग्रेजुएट हो चुकी थी ।आगे की पढ़ाई के लिये उसको पैसो की जरूरत थी।उसने सोचा क्यो न किसी स्कूल मे पढ़ा कर कुछ पैसे कमा ले फिर मास्टर्स मे दाखिला ले लेगी,इसी के चलते उसने दो तीन स्कूलों मे आर्जी लगा दी..और कुछ मे इंटरव्यू भी पास कर लिया...भले ही उसने यूपी बोर्ड से पढ़ाई की थी पर बैचलर डिग्री लेने के बाद अंग्रेज़ी मे भी उसकी पकड़ अच्छी हो गयी थी,
अतः उसने शहर के कॉन्वेन्ट स्कूलों मे भी अर्जी लगायी....उनमे से एक स्कूल मे आर्जी लगते ही इंटरव्यू कॉल भी अ गया।
मेघा कॉन्फिडेंस से भारी हुई थी...वो तो उस बड़े स्कूल में पढ़ाने के सपने भी देखने लगी थी...पर जब वो अंदर जाकर बाहर निकली तो उसने अपना मूड़
बदल लिया था...उसने सीधे और साफ लफ़्ज़ों मे कहा मुझे इस स्कूल मे नही पढ़ाना हैं..पता हैं क्यो..
मेघा कॉन्फिडेंस से भारी हुई थी...वो तो उस बड़े स्कूल में पढ़ाने के सपने भी देखने लगी थी...पर जब वो अंदर जाकर बाहर निकली तो उसने अपना मूड़
बदल लिया था...उसने सीधे और साफ लफ़्ज़ों मे कहा मुझे इस स्कूल मे नही पढ़ाना हैं..पता हैं क्यो..
वो जैसे ही
इंटरव्यू के लिये ऑफिस में एंटर हुई...
तो ....प्रिंसिपल ने पहला सवाल पूछा -अंग्रेजी में...
आपकी की स्कूलिंग कहाँ से हुई हैं..जैसे ही मेघा ने अपने स्कूल का नाम लिया प्रिंसिपल का मुँह बन गया क्योकि मेघा एक सरकारी स्कूल की हिंदी मीडियम की स्टूडेंट थी...उनका बात करने का रवैया ही बदल गया||.....
इंटरव्यू के लिये ऑफिस में एंटर हुई...
तो ....प्रिंसिपल ने पहला सवाल पूछा -अंग्रेजी में...
आपकी की स्कूलिंग कहाँ से हुई हैं..जैसे ही मेघा ने अपने स्कूल का नाम लिया प्रिंसिपल का मुँह बन गया क्योकि मेघा एक सरकारी स्कूल की हिंदी मीडियम की स्टूडेंट थी...उनका बात करने का रवैया ही बदल गया||.....

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें