"भूतिया हाईवे"
1. "भूतिया हाइवे"
कहते है इंसान मृत्यु के पश्चात अपने कर्म के अनुसार नई योनि में जन्म लेता है।
अरमान की ट्रेन टिकट कन्फर्म नहीं न हो पाने के कारण अरमान ने तय किया कि वह दिल्ली से राजस्थान का सफ़र आज रात कार से ही तय करेगा।
अरमान ने बैग पैक किया अपनी छोटी सी बच्ची के माथे को चूमा और अपनी प्यारी सी वाइफ से अलविदा कह कर कार में बैठ गया,
मुन्नी पीछे से दौड़ती हुई अाई पापा, पापा मेरे लिए ढेर सारी चॉकलेट लेकर आना।
हां बेटा मै आपके लिए ढेर सारी चॉकलेट लाऊंगा पहले आप मुझे प्यारी सी किस्सी दो - उम्म्म अह , ओके पापा! अब आप खुश हुए ना,
बाय, हैप्पी जर्नी जल्दी से वापस आना ।
रिद्धिमा एक कोने में खड़ी होकर ये सब देख कर मुस्कुरा रही थी, तभी अचानक से उसे पीछे से आवाज़ - आई रोक लो उसे, वहां खतरा है,रिद्धिमा जैसे ही पीछे मुड़ी तो वहां कोई नहीं था।
रिद्धिमा तुरंत घर के अंदर आयीं अरमान को फोन लगाया और उसे रात में जाने से मना किया, अरमान के कारण पूछने पर रिद्धिमा ने उसे सारी बाते बताई।
अरमान - रिद्धिमा तुम भी क्या बच्चो जैसी बाते कर रही हो, अच्छा ये बताओ, जब कल मै जल्दी सो गया था तो तुम क्या कर रही थी?
रिद्धिमा कुछ बोलती, अरमान ने उसकी बात काटते हुए बोला तुम जरूर कल रात में कोई डरावनी वेब सीरीज देख रही होगी ?
उसका ही नतीज़ा है ये, चलो रात काफी हो गई है और रोड में अंधेरा भी बहुत है थोड़ी देर में , मै दिल्ली राजस्थान हाईवे पर पहुंचने वाला हूं।
राजस्थान पहुंचते ही तुम्हे कॉल करूंगा, अरमान हाइवे पर कार चाढ़ा ही रहा था कि गाड़ी पंचर हो गई।
वो कहते है न कुछ बुरा होने से पहले हमारे आस पास की चीज़ें हमें चेतावनी देती है , लेकिन हम जान कर उन्हें अनदेखा कर देते है।
पहले रिद्धिमा के साथ घटी वह घटना और अब कार का अचानक से पंचर हो जाना।
शिट यररर!!.... व्हाट द फक्? थोड़ी देर में अरमान को ऐसा लगा उसने अभी जो बोला कोई उसकी बातों को दौहरा रहा है।
आवाज़ एक बार ही अाई और फिर सन्नाटा हो गया अरमान को लगा ये उसका वहम था।
अरमान गाड़ी से उतरा स्टेपनी निकाली और उसे सेट करने लगा उसको सेट करते करते रात का 11: 45 हो गया।
गाड़ी स्टार्ट की और चल दिया, थोड़ी दूर ही पहुंचा था कि सामने एक आदमी दिखा...
उसके सिवा आगे हाईव दो सड़कों में डिवाइड था और कोई साइन बोर्ड भी नजर नहीं आ रहा था।
अरमान ने सोचा चलो इस आदमी से रास्ता पूछ लेता हूं, फिर उसके दिमाग में आया इस हाइवे में इतनी रात गए ये आदमी अकेला क्यों ठहल रहा है।
क्या करूं... क्या करूं... कहीं कोई चोर उच्चका या गुंडा तो नहीं है,
आख़िर में गाड़ी उससे थोड़ा दूर रोक कर हिम्मत करके आवाज़ लगाई - आरे! भाई साहब , ये हाइवे खत्म होने के बाद राइट साइड वाला रोड राजस्थान को जाता है या लेफ्ट वाला?
जाता तो राइट साइड वाला राजस्थान को....... थोड़ा रुक कर बोला
और मौत दोनों की तरफ जाता है, तुम्हे कौन सा रास्ता चाहिए ?
जब वह आदमी पीछे मुड़ा तो एक साधारण सा आदमी था जिसने सफ़ेद कुर्ता पहना हुआ था।
साहब, इतनी रात को इस हाईव में क्या कर रहे हो आपको पता नहीं है , यह एक हॉनटेड हाइवे है।
इतना सुनते ही अरमान भड़क गया और बोला अगर सेम क्वेश्चन मै आपसे पूछू की आप इतनी रात गए इस सुनसान हाइवे पर पैदल क्या कर रहे है तो आपको अच्छा लगे.....??
अरमान की बात काटते हुए बोल, हां मुझे अच्छा लगता है जब कोई मुझसे पूछता है ।
अरमान थोड़ा सा डर गया मन ही मन में सोचा या तो ये कोई बेवड़ा है या फिर कोई शातिर चोर....
उसने कार के डेस्क से सेफ्टी चाकू निकाला और उसको दिखाते हुए बोला बता कौन है तू, नहीं बतायेगा तो सुबह तक जिंदा नहीं छोडूंगा...
वह आदमी जोर जोर से हसने लगा और बोला ये खंजर मुझे क्या मारेगा, मै कोई इंसान थोड़ी हूं।
इतना कहते ही उसने अपना डरावना चेहरा अरमान को दिखा दिया, उस चहरे में बहुत से स्क्रेच पड़े हुए थे मानो बहुत बुरा ऐक्सिडेंट हुआ हो।
अरमान उसको देखते ही चीख उठा... चाकू उसके हाथ से छूट गया और वह डर के मारे कार में ही नीचे की तरफ़ गिर गया।
क्यों डर गए ना, लगता है तुमने इस हाइवे की कहानी नहीं सुनी है तभी इतनी रात गए इस हाइवे पर आ गए मैंने कुछ देर पहले कहा था ना ये एक हॉन्टेड हाइवे हैं।
और अब रात के 12 बज रहे है हमारा आतंक इस समय चरम पर रहता है।
वह ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा हाहाहाहाहा....हिहिहिहिही..... अरमान का डर के मारे बहुत बुरा हाल होने लगा... देखते ही देखते वह गायब हो गया।
उधर एक आत्मा रिद्धिमा को परेशान करने लगी.... रिद्धिमा अकेले सो रही थी, मुन्नी को दादी के पास लेटा कर अाई ही थी कि कमरे में घुसते ही उसका पैर फिसला और वह बेड पर आ गिरी उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसे ज़ोर का धक्का दिया हो।
रिद्धिमा ने घबराते हुए मोबाइल उठाया अरमान को कॉल करने के लिए, तभी फ़ोन उसके हाथ से छूट कर हवा में ऊपर उठा और ज़मीन पर बहुत ज़ोर से गिरा और टूट गया ।।
तभी उसके सामने से एक सफ़ेद साया गुज़रा डर की वजह से उसकी आवाज़ निकलना बंद हो गई।
उसने पूछने कि कोशिश भी की लेकिन हलक से एक आवाज़ तक बाहर न आ पाई।
अचानक से रिद्धिमा को एक लड़की एक कोने में सुबकती हुई दिखाई दी और वह बार बार बस एक ही बात बोल रही थी, मना किया था न मत भेजो ख़तरा है, लेकिन तुमने मेरी एक न सुनी...अब खुद देखो अपनी आंखो से क्या हो रहा है उसके साथ...
अचानक से एक अजीब सी रौशनी पूरे कमरे में फ़ैल गई रोशनी इतनी ज्यादा थी कि रिद्धिमा ने रौशनी से खुद को बचाने के लिए अपना सर नीचे झुका लिया...
थोड़ी देर बाद देखती है कि दीवार पर एक पिक्चर चल रही है और उस पिक्चर में अरमान कार ठीक कर रहा है और कार ठीक करते ही जैसे वह आगे बढ़ा...
रिद्धिमा को उस आदमी वाली घटना दिखाई दी....आगे वह देखती है की उसका पति गाड़ी में ही गिरा पड़ा है और वह आदमी गायब हो गया....
अरमान ने होश संभला खुद को समझाया जो तूने अभी देखा वो सब हकीक़त नहीं था कभी क्या कोई मरा आदमी भी इंसान की तरह दिख सकता है...अरमान को सब पता था फिर भी वह खुद को सांत्वना दे रहा था।
अरमान ने मोबाइल उठाया और रिद्धिमा को लगाया, उधर से आवाज़ आयी ... द नंबर यू हव डायल इस कर्रेंटली ऑउट ऑफ रीच....आप जिस नंबर से संपर्क करना चाहते है वह अभी सेवा से बाहर है।
कृपया कुछ देर बाद पुनः डायल करे...टू... टू... टूफ़ोन कट गया...
अरमान ने जल्दी से गाड़ी स्टार्ट की और तेज़ रफ़्तार में भागने लगा तभी उसको एक साइन बोर्ड दिखा जहां लिखा था कृपया इस हाइवे से 10 से 2 बजे तक न गुज़रे....कुछ लोगो के मता अनुसार यहां उनके साथ अजीब से घटनाएं हुईं है अतः सरकार और स्थानीय लोगो के परामर्श से ये रास्ता आम जनता के लिय बंद रहता है....
अरमान ने गाड़ी में तुरंत ब्रेक लगाया और पीछे मुड़ा ...वह देखता है पीछे से कुछ ऐसे लोग आ रहे हैं किसी का हाथ टूटा है तो किसी का पैर किसी के चेहरे पर एक्सीडेंट के पुराने घाव है तो किसी का चेहरा पूरी तरह से घिसे हुए टायर की तरह लग रहा है।
इधर अरमान यह देखकर डर के मारे गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश करता है गाड़ी स्टार्ट तो हो गई पर आगे बढ़ने की जगह पीछे जाने लगी...
उधर रिद्धिमा ये सब देखकर लगातार चिल्लाये जा रही है नही मेरे पति को कुछ मत करो उन्होंने कभी किसी को कोई नुकसान नही किया है छोड़ दो उन्हें जाने दो मत मारो...
पास में बैठी चुड़ैल जोर जोर से हँसने लगी ही.. ही.. ही.. ही ..ही...ह ह ह ह..
अब तू बस तमाशा देख, अगर तेरा पति इतना सब सहने के बाद तीन बजे तक जिंदा रहा तो वह उस हाइवे से निकल जायेगा वरना फिर उसकी मौत पक्की...
अरमान गाड़ी से उतरकर पैदल ही भागने लगा आगे एक बूढ़ा आदमी दिखा अरमान ने आवाज़ लगायी- बचाओ मुझे , बचाओ, बचा लो प्लीज...उस आदमी ने वही खड़े खड़े अपना सर अरमान की ओर घूमा दिया उसका सर फटा हुआ था चेहरे पर बहुत पुराने घव नज़र आ रहे थे।
अरमान यह देखते ही बेहोश हो गया, बेहोश होने से पहले वो समझ गया था की वह भूतिया हाइवे पर फस चुका है....वह चीखता रहा सारे भूत उसको फुटबॉल की तरह खेलते रहे...हाइवे पुरी तरह से फुटबॉल का मैदान बन चुका था ...
अरमान का शरीर खून से लथपथ कभी हाइवे के राइट साइड गिरता तो कभी लेफ़्ट साइड....ऐसा लग रहा था ये भूत उसकी हड्डियों का सुरमा बना कर ही छोड़ेंगे...
तभी वहां एक लडक़ी आयी जिसे देखते ही सारे भूत भागने लगे उसने अरमान को उठाया और हाइवे के नीचे फेंक दिया...और बोली जाओ अब तुम इन भूतो से सुरक्षित हो अपना ख्याल रखना...
रिद्बीमा अपने दायीं ओर मुड़ी तो देखती है की वह लडक़ी उस दीवार पर चली गई जहां अरमान की मौत का तांडव चल रहा था जैसे ही उसने अरमान को नीचे फेंका रिद्धिमा की आँखे खुल गयी वह ज़ोर से चिल्लायी नहीं....
उसके चिल्लाते ही उसकी सास और मिनी कमरे में आ गई...
मुन्नी क्या हुआ मम्मा, मम्मा आप ठीक तो है न ?
सास - क्या हुआ बहू... लगता है आज फ़िर तूने कोई बुरा सपना देख लिया है।
रिद्धिमा कुछ देर तक बिल्कुल शांत रही औऱ फ़िर अपना फोन ढूढ़ने लगी ... क्या ढूढ़ रही हैं बेटा, माँ आपने मेरा मोबाइल देखा क्या?
माँ ने पूरे कमरे में नज़र डाली बोली हाँ देखा है, वो देख तू चार्ज पर लगा कर सो गई थी..
इतना डरावना सपना देखने के बाद उसमें चलने की हिम्मत नही थी...उसने माँ से बोला क्या आप प्लीज मेरा फ़ोन उठा देंगी, माँ ने तुरंत फ़ोन उठा कर रिद्धिमा को दे दिया रिद्धिमा ने अरमान को फ़ोन किया...
फ़ोन - टू टू टू... करके कट गया रिद्धिमा उठी अपना दुप्पटा डाला और कार निकालने चली गई माँ ने पूछा बेटा इतनी सुबह कहाँ जा रही हो ? रिद्धिमा बोली वो माँ रात में एक क्लाइंट का कॉल आया था मुझे अर्जेंट जाना होगा...
मुन्नी - मम्मा टेक केअर कम बैक सून आई एम वेटिंग फ़ॉर यू एंड पाप टू...
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स्त्री भूत योनि में हो या मनुष्य योनि में वह आदमी को हर मुसीबत से बचाती हैं, और आदमी को भी उसके प्रति अच्छा व्यवहार करना चाहिए शायद अरमान ने उस स्त्री की कहीं न कहीं मदद की होगी, जो आज उसको उसके कर्म का फल ऐसे मिला।।
रिद्धिमा ने रास्ते मे ही एम्बुलेंस और पुलिस को फोन करके बता दिया कि दिल्ली - राजस्थान हाइवे पर मेरे हसबैंड का एक्सीडेंट हो गया है, आप एम्बुलेंस लेकर जल्दी वहां पहुँच जाये मैं भी वही जा रही हूं।
स्वाति की कलम से - भूतिया हाइवे।।

Kahani kaafi achchi or dravani hain.... lockdown me time spent krne Ka.....
जवाब देंहटाएंNice story
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